विवाह
विवाह के अनुकूल संभावित समय-खिड़कियाँ
- क्या देखा जाता है
- सप्तम भाव, शुक्र और गुरु की स्थिति-दशाएँ, और विवाह-कारक दशाएँ।
- मार्गदर्शन कैसा मिलता है
- ऐसे दौर जब स्थिर और दीर्घकालिक निर्णय पारंपरिक रूप से अनुकूल माने जाते हैं।
हर सवाल के लिए पारंपरिक ज्योतिष में कुछ संकेत देखे जाते हैं। हम वही संकेत दशा-काल और गोचर से मिलाकर अनुकूल दौर निकालते हैं — गारंटी नहीं, मार्गदर्शन।
विवाह के अनुकूल संभावित समय-खिड़कियाँ
करियर में आगे बढ़ने के अनुकूल दौर
अपना घर होने की संभावित अवधि
धन-लाभ का प्रमुख समय-काल
संतान-सुख के अनुकूल संकेत
क़र्ज़ उतारने के अनुकूल अवसर
ये पारंपरिक नियम हैं और नतीजे की कोई गारंटी नहीं है। इन्हें निर्णय लेने के अकेले आधार के बजाय एक मार्गदर्शक नज़र के रूप में लें।
हथेली स्कैन से शुरुआत करें — तारीख़ें पूरी रिपोर्ट में खुलती हैं।