जन्म कुंडली
जन्म कुंडली रिपोर्ट
जन्म विवरण से हम ग्रह-स्थितियाँ, चंद्र राशि, नक्षत्र और विंशोत्तरी दशा-काल निकालते हैं — और उसी से आपके सवालों के अनुकूल समय-खिड़कियाँ।
कुंडली से क्या निकलता है
चंद्र राशि और नक्षत्र
जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से राशि और 27 में से नक्षत्र — दशा-काल की नींव यही है।
लग्न और भाव
जन्म समय और स्थान से लग्न तय होता है। समय न हो तो भाव-आधारित नियम छोड़ दिए जाते हैं।
विंशोत्तरी महादशा
ग्रहों का 120 वर्ष का दशा-चक्र — कौन-सा ग्रह कब आपकी कुंडली चला रहा है।
अंतर्दशा
हर महादशा के भीतर बारी-बारी अंतर्दशाएँ — इसी से महीनों-वर्षों की बारीकी मिलती है।
गोचर (ट्रांज़िट)
आज चल रहे ग्रहों का आपकी कुंडली से मिलान — दशा और गोचर दोनों मिलकर खिड़कियाँ तय करते हैं।
अंक-ज्योतिष
जन्म तारीख़ और नाम से जन्म अंक, जीवन पथ अंक और नाम अंक — एक छोटा, अलग हिस्सा।
जन्म समय क्यों मायने रखता है
- लग्न और भाव जन्म समय पर निर्भर होते हैं — 4 मिनट के अंतर से लग्न बदल सकता है।
- समय न हो तो हम दोपहर के चार्ट से गणना करते हैं और भाव-आधारित नियम हटा देते हैं।
- ऐसी रिपोर्ट में 'अनुमानित' का निशान साफ़ दिखता है — हम छिपाते नहीं।
- जन्म प्रमाण-पत्र, अस्पताल का रिकॉर्ड या माता-पिता की याद — जो भी उपलब्ध हो, बेहतर है।
समय-खिड़कियाँ कैसे बनती हैं
- हर सवाल के लिए तय नियम-सेट है (कौन-सी दशा, कौन-सा गोचर, कौन-से भाव)।
- नियमों से जो दौर मेल खाते हैं, उन्हें शुरू और अंत तारीख़ के साथ खिड़की बनाया जाता है।
- हर खिड़की के साथ 'संकेत' का स्तर दिखता है — हल्का, मध्यम या मजबूत।
- अगर कोई मज़बूत खिड़की न मिले, तो रिपोर्ट ईमानदारी से वही कहती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हाँ। चार्ट दोपहर का बनेगा, भाव-आधारित नियम छोड़ दिए जाएँगे और रिपोर्ट हर जगह 'अनुमानित' लिखेगी। दशा-काल, नक्षत्र और समय-खिड़कियाँ फिर भी बनेंगी।
अपनी कुंडली की झलक देखें
जन्म विवरण भरें और मुफ़्त में चंद्र राशि, नक्षत्र और वर्तमान दशा देखें।